अध्याय 135: एस्ट्रिड, क्या आप शूटिंग खेलना चाहते हैं

साइलस को पीछे से किसी की निगाह महसूस हुई। बंदूक साफ़ करते हुए उसका हाथ एक पल को भी नहीं रुका, बस उसने भीड़ की तरफ़ सरसरी नज़र डाली। उसी एक नज़र में उसने देखा—एस्ट्रिड का चेहरा गंभीर था और वह एक औरत से बहस कर रही थी।

वह औरत काफ़ी घमंडी लग रही थी।

साइलस की आँखों में धीरे-धीरे स्याही-सी उतर आई। बंदूक...

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